तीन तलाक: विरोध और समर्थन

आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड की दो दिन की गतिविधियों से ऐसा लगा कि बोर्ड के सदस्यों के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती अपना अस्तित्व बनाये रखने की हैं। उन्होंने लगातार बार-बार कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। एक साथ तीन तलाक पाप है। लेकिन साथ में यह भी कहते रहे कि शरीयत में कोई दखल बर्दाश्त नही कर पायेंगे। उन्होंने सुधारो की भी बात की। समाज में जागरूकता की भी बात की। महिलाओं को जुटा कर यह दिखाने की भी कोशिश की कि ज्यादातर महिलायें एक साथ तीन तलाक के खिलाफ नही हैं। पर बोर्ड एक स्वर में यह नही कह पाया कि एक साथ तीन तलाक गलत है। हम इसे खत्म करेंगे।