घर देने के नाम पर धांधली

एनसीआर में लोगों को घर देने के नाम पर जो भी खेल हुआ है, उसकी न केवल तह तक जाना चाहिए बल्कि उसके मद्देनजर कड़े कानून बनने चाहिए। लेकिन लगता नहीं कि ऐसा कुछ होने वाला है। बिल्डरों की नकेल कसने के लिए दो साल पहले केंद्र सरकार ने भी एक कानून बनाया था, तब बहुत हल्ला किया गया था कि अब इस कानून के बनने के बाद सारे बिल्डर सही तरीके से काम करेंगे। धांधली की कोई हालत नहीं रहेगी, जिसने गड़बड़ की, उसे कड़ी सजा मिलेगी, अब वो कानून पता नहीं कहां है। ऐसे कानून के बाद भी अगर एनसीआर में आज बिल्डरों ने इतना बड़ा स्कैम किया है, तो इसकी जिम्मेदारी केवल बिल्डरों पर ही नहीं बल्कि अफसरों और सरकार की भी है क्योंकि ये सब उनकी नाक के ही नीचे नहीं हुआ बल्कि उनकी जानकारी में हुआ।