तन्ख्वाह के लाले-खजाना खाली

उत्तराखंड सरकार का खजाना खाली हो गया है। सरकार के पास सेवाकर्मियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं। पगार का पहाड़ लांघने के लिए सरकार की सांसें फूल रही हैं। कर्ज का आक्सीजन निष्प्राण होने से बचा रहा है। पहली तिमाही के बाद कर्मचारियों के वेतन देने के लिए सरकार को 750 करोड़ रुपये का कर्ज लेना पड़ा है। सरकार के लिए ऋण उठाना कोई अनोखी घटना नहीं है। ये उसके वित्तीय प्रबंधन का हिस्सा है।

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