सुधार अभी काबी है

बीसीसीआई देश की सबसे धनी खेल संस्था है। जिस तरह इस खेल संस्था को संचालित किया जाता है और इसका खजाना दिनोंदिन बढ रहा है, वो निश्चित रूप से दूसरी खेल संस्थाओं के लिए एक उदाहरण भी है। बीसीसीआई को छोड़कर देश के दूसरे सभी खेल संगठन आमतौर पर भाई-भतीजावाद, योजना व रणनीति के अभाव के साथ भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इसलिए न तो जनता उन खेलों से जुड़ पाती है और न ही वो खेल संगठन अपना और अपने खिलाडि़यों का भला कर पाते हैं। क्रिकेट को छोड़कर दूसरे खेलों में चुनिंदा खिलाडि़यों को छोड़ दें तो सभी की हालत खासी दयनीय है।

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