कांग्रेस मुक्त होता भारत

केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी नेतृत्व में बदलाब की मांग तेज हुई है। असम और केरल हाथ से निकलने के बाद कांग्रेस के नेता इलाज की बात तो कर रहे हैं पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कुछ नहीं बोल पा रहे हैं। कांग्रेस की यह मजबूरी है कि घटते आधार के बावजूद पार्टी के नेता गांधी परिवार के कुछ नहीं बोल सकते हैं। लोकसभा चुनाव में हार के लिए बनी कमेटी की रिपोर्ट पर भी अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है। ऐसे में अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोआ और पंजाब विधानसभाओं के चुनाव में कांग्रेस को ज्यादा उम्मीद नहीं लग रही है।

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